हे मेरे भाइयों और बहनों…
तुम्हें सदियों से नीचा समझा गया।
तुम्हें छूने से भी इनकार किया गया।
लेकिन अल्लाह की नज़र में कोई इंसान नीचा नहीं होता।
इस्लाम कहता है —
सब इंसान बराबर हैं।
ने फ़रमाया:
“किसी अरब को गैर-अरब पर, किसी गोरे को काले पर कोई बड़ाई नहीं है। बड़ाई सिर्फ़ परहेज़गारी में है।”
इस्लाम में:
- अमीर और गरीब बराबर हैं
- राजा और मजदूर बराबर हैं
- ऊँच जाति और नीच जाति का कोई फर्क नहीं
सब अल्लाह के सामने एक ही सफ़ में खड़े होते हैं।
क़ुरआन कहता है:
“हमने तुम्हें एक पुरुष और एक स्त्री से पैदा किया। अल्लाह के यहाँ सबसे इज़्ज़त वाला वही है जो सबसे नेक है।”
हे मेरे दलित भाई…
जिस समाज ने तुम्हें कहा — “तुम नीच हो”,
इस्लाम तुमसे कहता है — “तुम अल्लाह के बन्दे हो, तुम इज़्ज़त वाले हो।”
यहाँ:
- कोई “अछूत” नहीं
- कोई “नीच” नहीं
- कोई “ऊँच” नहीं
सिर्फ़ बराबर इंसान, बराबर बन्दे।
आओ…
- अपने ज़ख्मों को भरें
- अपने दिलों को जोड़ें
- एक अल्लाह के सामने एक साथ सज्दा करें
इस्लाम में सब बराबर हैं।

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